झरिया । मंगलवार की सुबह उदयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ लोक आस्था का महापर्व छठ संपन्न हो गया, घाटों पर श्रद्धालुओं ने छठ मैया से किया सुख समृद्धि की कामना । जैसे ही सूर्यदेव की लालिमा दिखी वैसे ही झरिया के ऐतिहासिक राजा तालाब, आनंद भवन, श्री श्री मां मंगला चंडी छठ घाट व घरों के छत पर बने तालाब ( आर्टिफिशियल तालाब ) सहित विभिन्न छठ घाटों पर खड़ी व्रती महिलाओं और पुरुषों के चेहरे भक्ति और खुशी से दमक उठे। छठ महापर्व के अंतिम दिन उदयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर छठ व्रती महिलाओं ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। लक्ष्मीनिया मोड़ टीना गोदाम के समीप रहने वाले मोदी परिवार ने घर के छत पर तालाब ( आर्टिफिशियल तालाब ) बना कर भगवान भास्कर को अर्ध्य दिया । जल में खड़ी महिलाओं ने परंपरा अनुसार भगवान सूर्य को दूध, जल और प्रसाद चढ़ाया । छठ घाटों पर छठ मैया के गीत और जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से ही घाटों पर उमड़ पड़ी थी। महिलाएं साड़ी में सजी-धजी, सिर पर पूजा की टोकरी लिए जब घाटों की ओर बढ़ीं, तो दृश्य अत्यंत मन मोहक था। सूर्योदय के साथ ही व्रती महिलाओं ने अर्घ्य देकर अपने चार दिवसीय व्रत का समापन किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने माता छठ का प्रसाद ग्रहण किया और परिवार तथा समाज के कल्याण की कामना की।

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