कुमार अजय
कतरास। हिंदी न केवल एक भाषा है बल्कि यह हमारे संस्कृति , इतिहास और एकता की पहचान भी है । यह देश के विभिन्न भागों को जोड़ने का कार्य करती है ।हिंदी दिवस का शुभारंभ 14 सितंबर 1949 को हुआ था क्योंकि उसी दिन भारतीय संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा के रूप में स्वीकार किया था । वर्तमान समय में अंग्रेजी माध्यम के बढ़ते प्रचलन ने हिंदी की समस्याओं को बढ़ा दिया है ,इसे समृद्ध बनाना अति आवश्यक है, इसकी समृद्धि के बिना हम उन्नत राष्ट्र की कल्पना नहीं कर सकते । इन समस्याओं से निपटने के लिए ही जय धरती मां फाउंडेशन ने संकल्प हिंदी संवर्धन केंद्र की परिकल्पना की है । जिसका पहला हिंदी शिक्षण केंद्र संकल्प वाटिका अंगारपथरा में जय धरती मां फाउंडेशन के संस्थापक रवि कुमार निषाद एवं संकल्प एजुकेशन के निदेशक सहदेव महतो ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस केंद्र के खुलने से कतरास एवं आसपास के इलाके के अंग्रेजी माध्यम के छात्र-छात्राएं जिनका हिंदी कमजोर है या हिंदी एक समस्या है , प्रत्येक रविवार को यहां अभ्यास करके अपने हिंदी को समृद्ध बना सकते हैं। मौके पर संकल्प एजुकेशन के प्रबंध निदेशक मनोरमा देवी , शिक्षक कुणाल कुमार शर्मा, जय धरती मां फाउंडेशन के सह संस्थापक रंजीत कुमार ,गरबुडीह प्रभारी जगदीश प्रसाद महतो ,कार्यक्रम पदाधिकारी शमशेर अली एवं संकल्प एजुकेशन के छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक उपस्थित थे।
