झरिया । कन्या भ्रूण संरक्षण अभियान को जन-जन तक पहुँचाने और समाज में बेटियों के महत्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से मारवाड़ी युवा मंच, झरिया शाखा द्वारा ‘सावन विशेष स्लोगन प्रतियोगिता’ का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 10 जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक आयोजित होगी, जिसका उद्देश्य “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” तथा “कन्या भ्रूण संरक्षण” जैसे संवेदनशील विषयों पर सामाजिक चेतना का संचार करना है।

कार्यक्रम संयोजिका श्रीमती नेहा मित्तल ने बताया कि यह रचनात्मक पहल सभी आयु वर्ग के लोगों को अपने विचार हिंदी में मौलिक स्लोगन के रूप में व्यक्त करने का अवसर प्रदान करेगी। प्रतियोगिता की विशेष बात यह है कि हर प्रतिभागी को प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जबकि प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे।

प्रतिभागियों को अपने हस्तलिखित स्लोगन को सफेद कागज पर तैयार कर, उसके नीचे अपना नाम, पता एवं व्हाट्सएप नंबर अवश्य उल्लेख करना होगा। प्रविष्टियाँ केवल व्हाट्सएप नंबर 8603851311 पर स्वीकार की जाएँगी।

शाखा अध्यक्ष डॉ. मनीष शर्मा ने कहा, “यह आयोजन कन्या भ्रूण संरक्षण अभियान की दिशा में एक सार्थक प्रयास है, जो समाज को यह संदेश देता है कि बेटियाँ केवल घर की नहीं, बल्कि राष्ट्र की भी शान हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि प्रतियोगिता के परिणाम रक्षाबंधन – 9 अगस्त 2025 को घोषित किए जाएंगे, जिससे यह पर्व भाई-बहन के स्नेह के साथ-साथ बेटियों के सम्मान का भी प्रतीक बन जाएगा।

कोषाध्यक्ष श्रीमती किरण शर्मा ने भावुक स्वर में कहा – “बेटियाँ केवल किसी की जिम्मेदारी नहीं, वे हमारे समाज की रचनात्मक शक्ति हैं। हर बेटी एक सपना, एक संभावना और एक उज्ज्वल भविष्य की प्रतीक है। यदि हम उन्हें सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान दें, तो वे हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छू सकती हैं। इस स्लोगन प्रतियोगिता के माध्यम से हमारा प्रयास है कि हम हर दिल तक यह संदेश पहुँचाएँ कि – जहाँ बेटी है, वहाँ उम्मीद है, वहाँ उजाला है।”

इसी अभियान को और सशक्त बनाते हुए मारवाड़ी युवा मंच, झरिया शाखा ने 7 जुलाई 2025 को झरिया-धनबाद गौशाला परिसर में कार्यक्रम आयोजित कर एक और महत्वपूर्ण पहल की। शाखा ने दक्षिण भारत की प्रसिद्ध अभिनेत्री मालविका शर्मा को ‘कन्या भ्रूण संरक्षण अभियान’ का ब्रांड एम्बेसडर मनोनीत किया। इस अवसर पर अभियान के नवीन पोस्टर का लोकार्पण भी किया गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम ने समाज में यह सशक्त संदेश दिया कि बेटियों के अधिकार, शिक्षा और सुरक्षा की दिशा में हमें एकजुट होकर कार्य करना होगा।

“इस सावन, अपनी कलम उठाइए – और बेटियों के लिए एक सशक्त संदेश रचिए!”
क्योंकि – बेटियाँ हैं तो भविष्य है।

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