अभिषेक मिश्रा
चासनालासेल चासनाला के उन अमर शहीदों की 49वीं बरसी चासनाला स्थित शहीद स्मारक की शहीद बेदी के पास सर्वधर्म सभा का एवं पुष्प अर्पित कर सेल के अधिकारी शहीद के स्वजन यूनियन के लोग श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे । बताते चले की चासनाला खान दुर्घटना एशिया की सबसे बड़ी खान हादसों के तौर पर इतिहास के पन्नों में काला अध्याय के रूप में लिखा गया है यहां की घटना पर कई वर्षों बाद काला पत्थर नामक फिल्म भी बनी यह फिल्म काफी चर्चित और मशहूर हुई थी कई साल जांच में पता चला कि अधिकारियों की लापरवाहियों के कारण दुर्घटना हुई थी खदान में रिसने पानी को जमा करने का बड़ा बांध बनाए गए थे हिदायत दी गई थी कि बांध के 60 मीटर की परिधि में ब्लास्टिंग नहीं की जाए लेकिन अधिकारियों ने इन निशानों को नजर अंदाज कर हैवी ब्लास्टिंग कर दी इस लापरवाही के वजह से 375 खनिको ने क्षण भर में जल समाधि मे समा गए खान से बाहर निकालने के सभी रास्ते बंद हो चुके थे सभी जगह जल ही जल था दुर्घटना के बाद कई महीनो तक खदान से पानी निकालने का कार्य हुआ इसमें पोलैंड रूस के वैज्ञानिकों से भी मदद ली गई थी
चासनला में हुई खान दुर्घटना के बाद महीना तक पानी में रहने के कारण शव सड़ चुके थे खदान से शव निकालने के बाद मृतक की पहचान लैंप( बैटरी वाला बती नंबर से) टोपी,कपड़े आदि से की गई थी कई माह तक दामोदर नदी के किनारे शव का अंतिम संस्कार चला

न्यायाधीश एसएन सिन्हा ने की थी खान दुर्घटना की जांच

दुर्घटना की जांच न्यायाधीश एस एन सिन्हा को सौंपी गई थी जांच में सुरक्षा नियमों के अनदेखी करने का मामला सामने आया था इस रिपोर्ट को श्रम विभाग को सौंप दिया गया तत्कालीन परियोजना पदाधिकारी प्रबंधक सेफ्टी अधिकारी व अन्य अधिकारियों को दुर्घटना के लिए दोषी मानकर बर्खास्त कर दिया गया था

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