निशिकांत मिस्त्री

जामताड़ा । महाविद्यालय जामताड़ा में सातवें वेतनमान व एसीपी-एमएसीपी भुगतान आदि मांगों को लेकर महीने भर से महाविद्यालय के शिक्षकेतर कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। जिससे महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है और कार्य भी बाधित है। वही महीना दिन बीत जाने के बावजूद भी विश्वविद्यालय प्रशासन, कॉलेज प्रशासन एवं सरकार के द्वारा कोई भी पहल नहीं की गई है और ना ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। बता दे की गुरुवार को भी हड़ताल जारी रहने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जामताड़ा के कार्यकर्ताओं ने अपना समर्थन दिया। वहीं कार्यकर्ताओं के साथ समर्थन देते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला सहसंयोजक संजय मंडल ने कहा कि विगत महीनो भर से महाविद्यालय में हड़ताल चल रही है। जिससे महाविद्यालय में पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राओं को शैक्षिक समस्याओं से वंचित रहना पड़ रहा है यह काफी निंदनीय बात है। यदि तीन दिनों के अंदर विश्वविद्यालय प्रशासन एवं राज्य सरकार इस हड़ताल को लेकर जल्द से जल्द कोई कठोर कदम नहीं उठाती है तो हम सभी छात्र उग्र आंदोलन के लिए वाद होंगे जिसका जवाब देही राज्य सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
मौके पर विश्वविद्यालय संयोजक आकाश साव ने बताया कि इस अनिश्चितकालीन हड़ताल पर विश्वविद्यालय प्रशासन एवं राज्य सरकार को संज्ञान में लेने की आवश्यकता है। एक और सरकार शिक्षा को लेकर कई तरह की योजनाएं बनती है लेकिन कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर या हड़ताल पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है।

सरकार को जल्द से जल्द इस हड़ताल पर एक बैठक कर हड़ताल को समाप्त कारण ताकि पुनः महाविद्यालय में पठन-पाठन प्रारंभ हो सके जिससे यहां के युवाओं को शिक्षा मिल सकेगा। कॉलेज अध्यक्ष नीरज यादव, छात्र नेता प्रकाश यादव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं धरना पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि विभाग की और से हमारी मांगों को अनदेखा कर रही है। इसीलिए हम सभी कर्मी धरने पर बैठे हुए है। क्यू यह मांगे हमारी जायज मांगे हैं और इस लेकर रहेंगे इससे पूर्व में भी हम लोग धरने दे चुके हैं। विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति के द्वारा आश्वासन दिया गया था कि आप सबों का मांगों पर जल्द ही कुछ निर्णय लिया जाएगा। लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद भी हमारी मांगों को अब तक नहीं सुना गया है। इसीलिए पचहत्तरीय संघ सिद्ध कानू मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका के आवाहन पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पे जाने का निर्णय लिया गया है। यह हड़ताल का आज 30 वां दिन जारी है इसके अलावे धरने पर बैठे संघ के सभी सदस्य ने एक साथ कहा कि सातवें वेतन देने और एसपी – एमएसीपी का लाभ देने में विश्वविद्यालय को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए थी, उल्टा हम लोगों के एसपी – एमएसीपी को काटकर हम लोगों के साथ ऐसा व्यवहार किया कि हमलोग इस विश्वविद्यालय के कर्मचारी नहीं है।इसके अलावे अभी तक नहीं विश्वविद्यालय प्रशासन हमारे संघ के अधिकारियों से मुलाकात की है ना ही कॉलेज प्रशासन द्वारा हम लोगों से कोई वार्ता किया गया है।मौके पर संघ के अध्यक्ष अंजुम मुर्मू,सचिव तपस कुमार चौबे,महाविद्यालय के प्रधान सहायक समीर कुमार झा, अरविन्द सिंह,सदस्य भोला दास, संतोष राम, मीरा कुमारी, मधुसूदन साधु, रंजीत चालक सहित संघ के सदस्य उपस्थित थे।

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