निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । महाविद्यालय जामताड़ा के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई- वन के द्वारा गुरुवार को महाविद्यालय परिसर में कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ काकोली गोराई की अध्यक्षता में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई वन के स्वयंसेवक एवं सेविकाओं के बीच मार्च 2024 को आयोजित विशेष शिविर कार्य करने वाले सभी स्वयंसेवकों का प्रमाण पत्र वितरित किया गया।इसके अलावे हिंदी दिवस से संबंधित संगोष्ठी को लेकर भी एक कार्यक्रम किया गया। इस कार्यक्रम में इको क्लब की नोडल अधिकारी डॉ काकोली गोराई के द्वारा इको क्लब से संबंधित कार्यों के लिए सदस्यों को प्रेरित किया गया ताकि आने वाले समय में नई दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में वह भाग ले सके।
वही कार्यक्रम में उपस्थित सभी स्वयंसेवक एवं सेविकाओं को प्रमाण पत्र वितरण करते हुए। अपने संबोधन में कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ काकोली गोराई ने कहा गया की एन एस एस केवल एक प्रमाण पत्र का मोहताज नहीं है, बल्कि अपने कार्यों के द्वारा समाज से जुड़े रहना, समाज को जागरूक करना और समाज के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना एन एस एस का उद्देश्य है। अत यह प्रमाण पत्र प्राप्त कर हमें अपना प्रयास छोड़ नहीं देना चाहिए बल्कि आने वाले समय में भी इसी प्रकार सक्रिय रहकर समाज से जुड़कर समाज के विकास में अपना योगदान देते रहना चाहिए। हिंदी दिवस के पखवाड़े से संबंधित इस आयोजन में प्राचार्य प्रोफेसर कौशल के द्वारा छात्र-छात्राओं को यह संदेश दिया गया की हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा नहीं है, इसके लिए हमें प्रयासरत रहना होगा, क्योंकि यही एकमात्र ऐसी भाषा है जो पूरे भारत को एकता के सूत्र में बंधे रखी है और यह अन्य भाषाओं और बोलियां को भी अपनाते हुए अपना शब्द भंडार समृद्ध करती है।
यह अत्यंत शक्तिशाली भाषा है और हमें भविष्य में इसे राष्ट्रभाषा के पद पर स्थापित करने के लिए अनवरत निरंतर प्रयासरत रहना होगा। कार्यक्रम में डॉक्टर एस एन बंदोपाध्याय के द्वारा भी हिंदी की उत्पत्ति, विकास और विशेषताओं को छात्र-छात्राओं के बीच रखा गया। साथ ही कैसे हम हिंदी को राष्ट्रभाषा के पद पर स्थापित कर सकते हैं विषय में भी विस्तृत जानकारी दी गई। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जामताड़ा कॉलेज हिंदी के उत्थान एवं विकास के लिए प्रयासरत है इस पर भी विचार प्रस्तुत किए गए। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवक अंकेश, राहुल, राजू, निकिता, पुतुल, अंजना, अंकित, रितिका, मधु, गोपीनाथ, मधु, इत्यादि शामिल हुए।
