निशिकांत मिस्त्री

जामताड़ा । जिले के करमाटांड़ के नेंगराटांड़ पहाड़िया गांव में पिछले कुछ दिनों में लगभग 8 लोगों की मौत हो गई है । हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि इन लोगों की मौत किस बीमारी के कारण हुई है। मंगलवार को उपायुक्त कुमुद सहाय, स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करने के लिए गांव पहुंची है। मृतकों में हकीम पुजहर, दुरिया पुहराइन, विवेक कुमार, सरिता पुहराइन, फूल कुमारी, पुहराइन और जलेशर पुजहर व अन्य शामिल हैं। गांव के लोगों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग उन्हें बेहतर इलाज नहीं दे पा रहा है। गांव में स्वास्थ्य विभाग के लोग केवल दवा देकर चले जाते हैं। गांव में करीब आधा दर्जन से अधिक लोग अभी भी बीमार पड़े हुए हैं। सरकार द्वारा कई तरह की योजनाएं चलने के बावजूद पहाड़िया समाज योजनाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के पास आयुष्मान कार्ड है, वहीं अधिकतर लोगों के पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं। लोगों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड होने का भी कोइ फायदा नहीं है। अपने मवेशियों को बेच कर निजी डॉक्टर से इलाज कराना पड़ रहा है। गांव में स्वच्छता के साथ-साथ जागरूकता की कमी भी देखी गई है।

वहीं इस क्षेत्र के सारठ विधायक रणधीर सिंह भी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार जनों से मुलाकात किये। मौके पर उपायुक्त कुमुद सहाय ने बताया कि पांच लोगों की मरने की सूचना है। हमलोग यहां के लोगों को बेहतर इलाज के लिए प्रयासरत हैं। इससे पहले भी स्वास्थ्य विभाग की टीम 08 सितंबर को यहां आई थी और संबंधित लोगों को इलाज भी किया था। इसके वावजूद भी ऐसी घटना हुई है जो बहुत ही दुखद है। स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है की डॉक्टरों की टीम गठीत कर केम्पेनिग कर समुचित इलाज करें जिसकी स्थिति ज्यादा खराब है उन्हें सदर अस्पताल में तुरंत भर्ती करें। अभी सभी लोगों को आकस्मिक सहायता के तहत अनाज वितरण भी किया जा रहा है, इसके साथ ही सभी लोगों को सफाई में रहने का निवेदन किया जा रहा है। हमलोगों के द्वारा भी पूरे गांव में सफाई की जा रही है बिलीचिंग पावडर व अन्य तरह के सामाग्री का उपयोग किया जा रहा है।

वहीं सारठ विधायक रणशीर सिंह ने सरकार पर सवाल उठाये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के स्वास्थ्य विभाग बीमार हैं, लकवा ग्रसित है, जनता के लिए कुछ नही कर पा रही है। उन्होंने कहा कि चार दिन पहले ही मैंने स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग जामताड़ा कुमकर्णी निंद्रा में सोई हुई थी। आज विभाग की नींद टूटी है तब जाकर टीम यहां पहुंची है। यह गांव जामताड़ा जिले के करमाटांड़ प्रखंड क्षेत्र के सुदूर इलाके में है जहाँ 20 दिनों में आठ लोगों की मौत हुई है और सात लोग अभी भी गंभीर रूप से बीमार है। हमने उपायुक्त को कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था अच्छी से हो लेकिन यहां चिंताजनक स्थिति बनी हुई है। उन्होंने मृतक परिजनों को अपने वेतन से 25 25 हजार देने की घोषणा किया और सरकार से प्रत्येक मृतक परिवार को पांच लाख देने की मांग की है। इसके साथ ही जिस जिस स्वास्थ्य विभाग के कर्मी की लापरवाही के कारण यह घटना घटी है उसपर कारवाई करें।

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