धनबाद । एशिया की सबसे बड़ी श्रमिक नगरी भूली में पिछले कई वर्षों से जलसंकट व्याप्त है। जिसे आज तक दूर नहीं किया जा सका है। इस समस्या को दूर करने के लिए वार्ड नंबर 15 के पूर्व पार्षद रंजीत कुमार उर्फ बिल्लू ने जिला प्रशासन को आगाह करने के लिए एक अजीब तरीका ढूंढा। समस्या को जन आंदोलन में तब्दील करने की मंशा लेकर पूर्व पार्षद रंजीत कुमार उर्फ बिल्लू ने रविवार की सुबह पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत भूली स्थित बुधनी बाजार में निर्मित लगभग 60-70 फुट ऊंचाई वाले जलमीनार की मुंडेर पर चढ़कर पांच दिवसीय धरना की शुरुआत कर डाली। जिसके बाद बुधनी बाजार हटिया में स्थानीय लोगों की काफी भीड़ इकट्ठा हो गई।
वहीं पूर्व पार्षद रंजीत कुमार उर्फ बिल्लू के समर्थकों का कहना है कि विगत कई वर्षों से भूली में जलसंकट कायम है। इसका फायदा यहां के पानी माफिया उठा रहे हैं। कई स्थानों पर अवैध बोरिंग कर पाइप लाइन के माध्यम से खुलेआम पानी बेचा जा रहा है। ऐसे में प्रशासन की ओर से बनाए गए दो जलमीनार को अब तक शुरू नहीं किया जाना बहुत बड़ी निष्क्रियता और लापरवाही का प्रमाण है। पूर्व पार्षद रंजीत कुमार ने प्रशासन और संबंधित विभाग की लापरवाही से त्रस्त होकर लगभग 60-70 फीट ऊंची जलमीनार पर चढ़कर धरना देने को मजबूर हो गए। जिला प्रशासन और नगर निगम को अविलम्ब संज्ञान लेते हुए दोनों जल मीनारों में पानी सप्लाई अविलंब शुरू करनी चाहिए। जिससे कि वर्षों से व्याप्त जल संकट को दूर किया जा सके।
मालूम हो कि भूली में घर-घर तक पेयजल उपलब्ध कराने के लिए दो जल मीनार का निर्माण किया गया है। जिसके लिए सारे पाइपलाइन फिटिंग और कनेक्शन पूरे कर लिए गए है। लेकिन विभागीय उदासीनता और लापरवाही की वजह से इन दोनों जल मीनारों में आज तक पानी चढ़ाया नहीं गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब निर्माण कार्य पूरा हो गया और पाइप फिटिंग भी हो गई है तो जलमीनार को पानी क्यों नहीं दिया जा रहा? अगर जलमीनार में पानी सप्लाई कर दी जाती है तो भूलीवासियों को पानी माफियाओं के चंगुल से मुक्ति मिल जाएगी और उन्हें पेयजल उपलब्ध हो पाएगा।
हालांकि चुनाव का समय आते ही सांसद, विधायक, पार्षद प्रत्याशी भूली वासियों को आश्वस्त करते हैं कि जल्द ही पानी संकट की समस्याओं को दूर कर लिया जाएगा। लेकिन अब तक एशिया की सबसे बड़ी श्रमिक नगरी भूली में जल संकट कायम है।
अब देखना यह है कि पूर्व पार्षद रंजीत कुमार का यह आंदोलन भूली वासियों को कब तक पानी दिला पाता है।
