राजेश दुबे

विष्णुगढ़ । हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत महंत अखाड़ा चौक में रविवार को विप्र समाज ने कार्यक्रम आयोजीत कर संस्कृत दिवस मनाया । कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम के छायाचित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित गणेश वंदना के साथ अनेक श्लोकों के द्वारा किया गया । आयोजन के मुख्य अथिति अनंत पाण्डेय थे । प्रखंड स्तरीय कार्यक्रम में भारी संख्या में ब्राह्मणों का जुटान था । संस्कृत दिवस के मौके पर ब्राह्मणों ने एक से एक कथा और वेदों और पुराणों के माध्यम से संस्कृत भाषा की उत्पत्ति और विकास पर जोरदार पहल की । कहा की संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है बावजूद संस्कृत आज हासिये पर है, जो एक गंभीर मसला है । मौके पर उपस्थित वक्ताओं ने कहां की विलुप्त के कगार पर खड़ा संस्कृत को विप्र समाज कभी मिटने नहीं देगा , विप्र समाज ने संकल्पित होकर कहा कि संस्कृत भाषा का विकास के लिए विप्र समाज आने वाला दिन संस्कृत विद्यालय का का निर्माण करवाएगी जहां पर संस्कृत भाषा का क्या लोगों को दिया जाएगा । कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने अपनी अपनी बातों से संस्कृत संस्कृति और संस्कार को बचाने पर बल देते हुए कहा कि संस्कृत बचेगा तभी संस्कार और जब संस्कार बचेगा तभी संस्कृति । इसलिए संस्कृत को बचाना विप्रो की हीं नहीं बल्कि सभी वर्गों का एक दायित्व होना चाहिए । विद्यालयों में भी संस्कृत भाषा को अतरिक्त भाषा में शामिल किया गया है, पूर्व में अनिवार्य भाषा के तौर पर संस्कृत होने से बच्चों में संस्कृत का ज्ञान और संस्कृति और संस्कार देखा जाता था । सरकार को भी इस और विशेष ध्यान देने की जरूरत है ।

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