संगम ने बाबू राम नारायण सिंह की आदमकद प्रतिमा हजारीबाग के मुख्य चौराहे पर लगाने की मांग की
रामावतार स्वर्णकार
हजारीबाग/इचाक । महान स्वाधीनता सेनानी और हजारीबाग के प्रथम सांसद सह संविधान सभा के सदस्य बाबू राम नारायण सिंह की 58 वीं पुण्यतिथि सामाजिक संस्था सागर भक्ति संगम के तत्वधान में हजारीबाग स्थित स्वर्ण जयंती पार्क में मनाया गया। संगम के सदस्यों ने विश्व शांति के लिए एक मिनट का मौन रखा । इस अवसर पर संगम ने हजारीबाग के मुख्य चौराहे पर बाबू राम नारायण सिंह की आदम कद प्रतिमा लगानेकी मांग की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संगम के संयोजक विजय केसरी ने कहा कि बाबू राम नारायण सिंह का संपूर्ण जीवन त्याग और बलिदान से ओतप्रोत है।
उनका राजनीति में प्रवेश भारत मां की सेवा के लिए हुआ था। उन्होंने एक उज्जवल भारत का सपना देखा था। वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सत्ता का लाभ पहुंचाना चाहते थे । वे पंचायती राज के हिमायिती थे। वे सत्ता का विकेंद्रीकरण के पक्षधर थे।
शिक्षाविद के.सी. मल्होत्रा ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि मुझे कई बार बाबू राम नारायण सिंह को सीधे सुनने का अवसर प्राप्त हुआ। वे निश्चित रूप से एक महान स्वाधीनता सेनानी थे। उनका संपूर्ण जीवन देश की सेवा में समर्पित रहा था। वे स्वतंत्र भारत के पंचायती राज के पक्षधर थे। कार्यक्रम में शंभू शरण सिंह, सुरेश मिस्त्री, गोपी कृष्ण सहाय, उषा सहाय,तृप्ति गुप्ता, योगेंद्र प्रसाद गुप्ता, अशोक प्रसाद, पप्पू गुप्ता, विजय कुमार आदि ने भी अपने-अपने विचार रखें। सभा का संचालन गोपी कृष्ण सहाय एवं धन्यवाद ज्ञापन शंभू शरण सिंह ने किया।
