राजेश दुबे
विष्णुगढ़ । मजदूरी के लिए महाराष्ट्र के कोल्हापुर गए हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ थाना क्षेत्र अंतर्गत खरकी पंचायत के बेलवाटोंगरी निवासी जोधन अगरिया के 45 वर्षीय पुत्र जीतन अगरिया की पिछले शुक्रवार सुबह दस बजे मौत हो गई।रविवार सुबह को उसका शव एंबुलेंस से गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया।मुआवजे की मांग करते हुए ग्रामीणों ने एंबुलेंस को रोक लिया। काफी समझाने-बुझाने के बाद ठेकेदार की ओर से एक लाख 25 हजार रूपये की मुआवजे का आश्वासन मिलने पर छः घंटों बाद शाम को एंबुलेंस को छोड़ने पर परिजन राजी हुए।रविवार रात को शव का अंतिम संस्कार हुआ।जानकारी के अनुसार मृतक जीतन अगरिया कोल्हापुर में एक स्थानीय ठेकेदार के माध्यम से वह बिल्डिंग लाइन में मजदूरी कर रहा था।काम के दौरान उन्हे अचानक पेट दर्द हुआ।जिसके बाद वह काम छोड़कर अपना रूम आ गया।कुछ घंटो बाद रूम ही उसकी मौत हो गई।स्थानीय ठेकेदार ने पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस से शव को घर भेज दिया।रविवार सुबह करीब 11 बजे पहुंची एंबुलेंस में उनके का शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। रो-रोकर घर वालों का बुरा हाल हो गया।
ग्रामीणों ने शव लेकर आई एंबुलेंस को रोक लिया। संबंधित ठेकेदार से परिजनों ने मुआवजे की मांग की।ग्रामीण के साथ बातचीत के बाद सहमति बनने पर कोल्हापुर से आई एंबुलेंस को ग्रामीणों ने छोड़ दिया। रविवार की रात परिजनों ने युवक के शव का अंतिम संस्कार किया।
