झरिया । शनिवार की सुबह झरिया थाना क्षेत्र के सिंह नगर में ट्रक की चपेट में आकर एक नाबालिक छात्र की दर्दनाक मौत हो गई । घटना में ट्रक ने राज पलस टू के इंटर के छात्र अरनब कुमार को अपने चपेट मे ले लिया और घटनास्थल पर ही छात्र की दर्दनाक मौत हो गई। अरनब अपने माता पिता का इकलौता चिराग था। इस घटना से गुस्साए स्थानीय लोगों ने इस मार्ग मे हाइवा परिचालन बंद करने की मांग को लेकर सिंह नगर मे जमकर तांडव मचाया । इस मार्ग मे शव रखकर सड़क जाम करते हुए सिंह नगर मार्ग में खड़े एक सौ से अधिक हाइवा व ट्रको मे तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया।चालक, खलासी वमुंशी को भी दौड़ा दौड़ा कर पिटा।सूचना पाकर झरिया थाना के टाइगर पुलिस और दो आरक्षी पहुंचे।जहां इन लोगों ने इन पुलिस वालों की पिटाई कर फजीहत कर दी।मोबाइल व कैमरे से फोटो करने वालों को भी नहीं बख्श रहे थे।बता दे कि अरनब की छोटी बहन आरोही कतरास मोड़ स्थित आइएसएल स्कूल मे तीसरे वर्ग मे पढ़ती है।रोज की तरह शनिवार को अरनब अपनी बहन को स्कूल मे छोड़कर शनिवार की सुबह अरनब छोटी बहन को छोड़कर अपने घर भुली क्वार्टर जा रहा था । तभी उक्त ट्रक ने अरनब को अपने चपेट में ले लिया ।
चालक ट्रक लेकर भागने लगा । जहां स्थानीय लोगों ने ट्रक को थोड़ी दूर पर पकड़ लिया।हालांकि चालक ट्रक छोड़कर भाग निकला।इधर घटना से आक्रोशित लोगों ने सिंह नगर मार्ग ,तालाब व यार्ड मे खड़े एक सौ से अधिक वाहनों का शिशा तोड़ दिया।वाहनों के तेल की टंकी तोड़ दी गई।हवा निकाल दी।दोनों ओर टायर जलाकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया।एक हाइवा मे आग लगा दी।हालांकि कुछ लोगों ने इस आग को तुरंत बुझा दिया।इस मार्ग से गुजरने वाले चारपहिया वाहन को भी नहीं बख्शा।इस मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे कई चार पहिया वाहन को दौड़ाकर तोड़फोड़ की।गुस्साए लोगों ने सात घंटा तक इस मार्ग को अवरुद्ध रखा।गुस्साए लोगों ने दोनों घरानों के नेताओं के कार्यशैली पर उंगली उठा रहे थे।इनलोगों का कहना था कि आए दिन इस मार्ग मे हाइवा के चपेट में आकर कई लोगों की मौत हो चुकी है।बावजूद इसके न तो विधायक ना ही कोई नेता आगे आते है।इनलोगों पर आंदोलनकारियों ने ट्रासंपोर्टरों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहे थे। सात घंटा बाद कतरास मोड़ मे झरिया इंस्पेक्टर संतोष सिंह, बस्ताकोला महाप्रबंधक की ओर से भेजे गए विवेक पाठक ,केडी पांडे,भाजपा नेता इंदछ शिखा मिश्रा के बीच वार्ता हुई।जिसमें कहा गया कि बस्ताकोला महाप्रबंधक धनबाद मे नहीं है।इस मार्ग मे हाइवा परिचालन के मुद्दे पर सोमवार को त्रीपक्षीय वार्ता होगी।इसके बाद शव को उठाकर पोस्टमार्टम के लिए धनबाद भेजा गया।शव उठाने के दौरान भी गुस्साए युवकों ने इस मार्ग से हाइवा परिचालन पर रोक लगाने की बात कर रहे थे।इस जाम के दौरान छात्र स्कूल मे घंटों फंसे रहे।जाम खत्म होने के बाद ही तीन घंटे लेट से घर जा सके।इस मार्ग मे खड़े एक सौ से अधिक वाहनों के शीशे तोड़े गए।पर इस भीड़ मे खड़े विधायक पूर्णिमा सिंह के पानी टेंकर को लोगों ने छुआ तक नहीं।इस बात को लेकर क्षेत्र में काफी चर्चा रही।मृतक के पिता दिलिप गया जिला के आमस का रहने वाला है।
सिंह नगर मैं सड़क जाम कर आक्रोश व्यक्त कर रहे स्थानीय ने अपनी नेतागिरी चमकाने पहुंचे कई छुट भैया नेता की फजीहत कर उन्हें वापस कर दिया. कई नेता कोयला ट्रांसपोर्टिंग कंपनी में अपनी शाख बढ़ाने के लिए सड़क जाम को समाप्त करने पहुंचे थे. पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने सहित अन्य मांगों को पूरा करवाने का दिलासा देने की बात कही. जिस पर स्थानीय लोग भड़कते हुए कहा यह समस्या सिंह नगर के बस्ती के लोगों का है. यहां किसी की नेतागिरी नहीं चलेगी. इस दौरान कुछ आक्रोशित युवकों ने जाम हटाने पहुंच रहे कई नेताओं की बारी-बारी से फजीहत किया. तोड़फोड़ एवं सड़क जाम की सूचना पर प्रबंधन का पक्ष रखते हुए कथित नेताजी खुद को चर्चित नेता समझ कर घटनास्थल पर पहुंचे थे. लेकिन लोगों ने उन्हें बीसीसीएल प्रबंधन एवं कोयला ट्रांसपोर्टिंग कंपनी का एजेंट बात कर खूब भड़ास निकला. लोगों का कहना था कि जब किसी की सड़क दुर्घटना में मौत होती है तो मुआवजा दिलाने के नाम पर बरसाती मेंढक बनकर कई नेता पहुंच जाते हैं. इनका मकसद ट्रांसपोर्टिंग कंपनी से अपनी मोटी रकम बनवाने का रहता है.
….आठ घंटे बाद पुलिस बल दोबारा पहुँचपाई घटना स्थल.
झरिया केंदुआ मुख्य मार्ग सिंह नगर के समीप घटना स्थल पर अर्णव का शव रख कर सड़क जाम किये जाने पर झरिया थाना का गस्ती पहुंची थी. जिसे लोगो के भारी आक्रोश का सामना करना पडा.पुलिस गस्ती मे शामिल जवानो को फजीहत होकर वापस होना पडा.इस के बाद करीब आठ घंटे तक तोड़ फोड़, अफरा तफरी ,आगजनी की घटना के बाद भी पुलिस बल घटना स्थल पर पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा सकी.इस दौरान कुछ हूडदुंगी युवको की टोली घुम घुम कर तेजन सिंह तालाब,गुलगुलिया पट्टी,मुख्य मार्ग के किनारे खड़े वाहनों मे तोड़ फोड़ करती रही. कतरास मोड़ के समीप एक दुकान मे बीसीसीएल पदाधिकारियों के साथ वार्ता के बाद सहमती बनने के बाद ही पुलिस बल दोबारा घटना स्थल पर पहुंच शव को एबुलेंस मे डाल पोस्टमार्टम मे भेजी.
…..बीसीसीएल प्रबंधन ,डीटीओ,व जनप्रतिनिधियों पर दिखा आक्रोश.
सड़क जाम के बीच लोगो ने बीसीसीएल के बस्ताकोला क्षेत्रिय पदाधिकारियों, धनबाद डीटीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया । इस दौरान मुख्य मार्ग पर दो टायर जलाकर सांकेतिक विरोध किया.कहा की बीसीसीएल के बस्ताकोला के क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने झरिया केंदुआ मार्ग पर ट्रांसपोटिंग वाहनो का कब्ज़ा करवा दिया हैं.वही स्थानीय जनप्रतिनिधि व यूनियन नेता भी ट्रांसपोटर से मिलीभगत किये हुए हैं । इन सभी के बीच आम जनता पिस रही हैं ।
