एसपी ,डीसी के नेतृत्व में तोड़ा गया सारा क्रशर
छह टीम के अधिकारी समेत 300 पुलिस के जवान थे शामिल
ग्रामीणों में आक्रोश
रामावतार स्वर्णकार
इचाक । उपायुक्त नैंसी सहाय एवं पुलिस अधीक्षक चौथे मनोज रतन के नेतृत्व में जिला टॉस्क फोर्स की टीम ने शुक्रवार के सुबह 8:30 बजे इचाक के डुमरौंन क्रशर मंडी में छापामारी किया, वहां वर्षों से अवैध रूप से संचालित करीब 90 क्रशरों को तोडा गया। प्रशासन के द्वारा की गई आज तक की इस बड़ी कार्रवाई से क्रशर व्यवसायियों में हड़कंप मचा हुआ है। मंडी में बीस पच्चीस क्रशर का लाइसेंस था उन्हें भी निरस्त करते हुए तोड़ दिया गया। अब क्रशर मंडी पूरी तरह से मैदान बन चुका है। इससे पूर्व दर्जनों क्रशर को स्वयं क्रशर मालिकों ने क्रशर को खोल कर कबाड़ी में बेच दिया था। पुलिस ने दर्जनों बैटरी, गैलन, गैस सिलिंडर, क्रशर मशीन के पुर्जे ,हथौड़ा ,व अन्य सामान को जब्त किया। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की कार्रवाई जारी है। प्रशासन द्वारा की गई इस करवाई में व्यवसायियों के करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
जिला टास्क फोर्स टीम का नेतृत्व स्वयं डीसी नैनसी सहाय एवं एसपी चौथे मनोज रतन कर रहे थे। जबकि टास्क फोर्स में डीएफओ अवनीश कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी, जिले के तीनो डीएसपी, जिला खनन पदाधिकारी, इचाक, पदमा , बरही , सदर, कटकमसांडी, केरेडारी, चुरचू एवं दारू प्रखंड के सीओ, बीडीओ, थाना प्रभारी के अलावा 250 पुलिस कर्मी शामिल थे । वहीं आधा दर्जन से अधिक बुलडोजर को भी कार्रवाई में लगाया गया था।
क्या कहते है ब्यवसायी _ क्रशर ब्यवसायी संघ के अध्यक्ष चौहन महतो एवं पूर्व उपप्रमुख चंद्रदेव मेहता ने कहा कि प्रशासन द्वारा सूचना देने के बाद क्रशर व्यवसाई खुद से क्रशर को हटा रहे थे। कई लोग क्रशर को खोलकर कबाड़ी में बेच भी दिया। व्यवसायियों के द्वारा जब उपायुक्त को स्वयं क्रशर को हटा लेने के लिए समय मांगा एवं हटाने का कार्य जारी था इसके बाबजूद जबरन प्रशासन के द्वारा क्रशर तोड़ने से क्रशर व्यवसाईयों को करोड़ों का नुकसान हुआ है जो अनुचित है। इचाक पश्चिमी जीप सदस्य उमेश प्रसाद मेहता ने कहा कि अन्य राज्यों में आश्रयणी क्षेत्र से एक किमी एरिया को सेंसिटिव जोन बनाया गया है, जबकि झारखंड सरकार मनमाने तरीके से आश्रयणी के 5 किमी एरिया को सेंसिटिव जोन घोषित कर रखा है। इससे ग्रामीणों का रोजगार छीन जायेगा। क्षेत्र के 90 प्रतिशत लोग जो क्रशर व्यवसाय से जुड़े थे और क्रशर में काम करने वाले हजारों मजदूरों के समक्ष भयंकर भुखमरी की स्थिती पैदा हो जायेगी। सरकार को पहले रोजगार मुहैया कराना चाहिए।
बताते चलें कि इको सेंसिटिव जोन में क्रेशर, पेट्रोल पंप, होटल, फैक्ट्री, गैराज खोलने पर प्रतिबंध है, वहीं पक्के मकान के निर्माण के लिए भी लोगों को वन विभाग से स्वीकृति लेनी पड़ेगी।
