रामावतार स्वर्णकार
ईचाक। थाना क्षेत्र के डुमरौंन गांव निवासी सहदेव महतो के छोटे पुत्र मनीष का मौत रविवार की रात गिरिडीह से लौटने के क्रम में उसरी नदी के तेज प्रवाह में बह जाने से हो गई। उसका शव सोमवार की शाम को डुमरौन नया टोला स्थित घर लाया गया। शव के पहुंचते ही ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठी हो गई। मां अनुराधा (सेविका) बहन पुष्पा कुमारी, दादा श्यामलाल महतो, पिता सहदेव महतो समेत परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। हर किसी के आंख से आंसू निकल रहे थे। मृतक के पड़ोसी संतोष प्रसाद मेहता, गंगेश्वर प्रसाद मेहता, प्रविल प्रसाद मेहता ने बताया कि मनीष शुरू से ही पढ़ाई में काफ़ी तेज था। वह अभी दिल्ली से चार्टेड अकाउंटेंट की पढ़ाई करके नौकरी के तलाश में था।
परिजन उसकी शादी करना चाह रहे थे। लेकिन वह कहता था कि नौकरी करने के बाद ही शादी करेंगे । अचानक मौत का बुलावा आया कि उसे खींचकर गिरिडीह के उसरी नदी की ओर ले गया। मृतक का बड़ा भाई पंकज कुमार सेना के नेवी विंग में लेफ्टिनेंट है। जो भाई के मौत की खबर सुनकर मुंबई से घर पहुंच चुके है। मृतक का अंतिम संस्कार डुमरोन स्थित मुक्ति धाम में मंगलवार को कर दिया गया। मुखाग्नि पिता सहदेव महतो ने दिया। शव यात्रा में जिप अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता, कांग्रेस नेता आरसी मेहता, भाजपा के वरिष्ठ नेता बटेश्वर मेहता, मुखिया संघ के ज़िला अध्यक्ष रंजित कुमार मेहता, मुखिया चोहान महतो, पूर्व उप प्रमुख चंद्रदेव मेहता समेत कई जनप्रतिनिधि, समाज सेवी और ग्रामीण शामिल हुए।
