राधेश्याम चौबे ने झरिया थानेदार पर गाड़ी छोड़ने के एवज में पचास हाजर रुपए मांगने का लगाया है आरोप

न्यायालय के आदेश के बाद हाइवा छोड़ दिया गया, टैक्स बकाया होने के कारण पुनः गाड़ी पकड़ लिया गया: थानेदार

भगतडीह । दुर्गा सोरेन सेना अध्यक्ष राधेश्याम चौबे ने शनिवार को सिंह नगर में पत्रकार वार्ता कर झरिया इंस्पेक्टर पीके झा पर न्यायालय का अवहेलना करने का आरोप लगाया है। साथ ही इंस्पेक्टर पर गाड़ी छोड़ने के एवज में पचास हाजर रुपए मांगने का आरोप लगाया है। राधेश्याम का आरोप है कि उसका भतीजा अर्जुन चौबे का हाईवा राजापुर में बीएनआर साइडिंग के बीच ट्रांसपोर्टिंग का कार्य करता था। हाईवे पर कुछ कोयला चोर चढ़कर कोयला उतार रहे थे झरिया पुलिस ने चोरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हुए उल्टे हाइवा को ही पकड़ लिया और झूठा केस कर दिया तीन दिन पूर्व न्यायालय ने आदेश पत्र जारी कर हाईवा छोड़ने का आदेश झरिया पुलिस को दिया। जब हाईवा मालिक अर्जुन चौबे वा दुर्गा सोरेन सेना के जिला अध्यक्ष राधेश्याम चौबे झरिया थाना धनबाद न्यायालय के आदेश पत्र लेकर पहुंचे। तो तीन दिन तक पुलिस टालमटोल करती रही।

शनिवार को जब झरिया थाना पहुंचा तब पुलिस ने हाईवा छोड़ने का इकरारनामा बनवा कर पहले तो छोड़ दिया। जब हाईवा लेकर बाहर निकले तो झरिया थाना के एसआई मुकेश कुमार पंडित ने पुनः हाईवा को पकड़कर थाना के बाहर लगा दिया ।पूछे जाने पर मुकेश पंडित ने कहा कि इंस्पेक्टर पीके झा का आदेश है। जब मैं और मेरे चाचा राधेश्याम चौबे झरिया इंस्पेक्टर से मुलाकात की इस पर इंस्पेक्टर भड़कते हुए कहा कि हम किसी का आदेश का पालन नहीं करते ।तुम जहां जाना चाहते हो जाओ ।चाहे तो मुख्यमंत्री के पास जाकर शिकायत कर दो।यह कहते हुए इंस्पेक्टर ने दुर्गा सोरेन सेना के अध्यक्ष के साथ दुर्व्यवहार किया इधर वार्ता में मौजूद दुर्गा सोरेन सेना के केंद्रीय अध्यक्ष विशाल बाल्मीकि ने कहा कि झरिया पुलिस ने न्यायालय के आदेश का अवहेलना किया है ।

साथ ही मेरे से और सेना अध्यक्ष राधेश्याम से दुर्व्यवहार किया है। अगर हाईवा नहीं छोड़ा गया तो झरिया थाना का घेराव किया जाएगा। वार्ता में राधेश्याम के अधिवक्ता आनंद कुमार प्रसाद, अजय कुमार सिन्हा मौजूद थे।

झरिया थाना के इंस्पेक्टर पीके झा ने कहा कि मैने न्यायालय के आदेश का पालन किया है। न्यायालय के आदेश के बाद हाइवा छोड़ दिया गया पर उस हाइवा का परमीट टैक्स लगभग साढ़े तीन लाख बकाया है।इसकी लिखित सूचना डीटीओ को पूर्व में दे चुका हु।इसलिए मैने यह वाहन पुनः पकड़ लिया है। पैसे मांगने का आरोप गलत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *