धनबाद । जिले के कतरास थाना क्षेत्र में हुए मनोज यादव हत्याकांड मामले में एसएसपी ने कार्यालय में मंगलवार को प्रेस वार्ता कर कांड का उद्भेदन किया। प्रेस वार्ता में एसएसपी संजीव कुमार ने बताया कि एसपी सिटी की देखरेख और इंस्पेक्टर कतरास के नेतृत्व में टीम गठित कर मनोज यादव हत्याकांड की जांच की गई। जिसमें 5 अपराधी गिरफ्तार किए गए। उनके पास से घटना के दौरान इस्तेमाल किया गया एक अपाचे बाइक, एक पिस्टल, दो लाख नगद रुपए, दो जिंदा गोली, दो खोखा और 9 मोबाइल बरामद हुए हैं।एसएसपी ने बताया कि कुछ दिनों पहले विकास कुमार उर्फ विकास बजरंगी जेल से छूट कर आया था। उसका वर्चस्व इलाके में कम हो गया था।

साथ ही विकास कुमार उर्फ विकास बजरंगी कि मनोज यादव के साथ पुरानी रंजिश भी थी। जिसके वजह से उसने अनु यादव और सिद्धिक आलम उर्फ सज्जाद उर्फ आजाद से संपर्क कर मनोज यादव की हत्या की साजिश रची। इस घटना को अंजाम देने के लिए कतरास निवासी मोलू ऊर्फ प्रकाश यादव तथा गौतम कुमार को शूटर के तौर पर एक-एक लाख रुपये दिए गए थे।

एसएसपी ने बताया कि इस मामले में पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमे विकाश बजरंगी, अन्नू यादव, जहांआरा, सारो सिद्दीक आलम उर्फ आजाद, मोनू उर्फ प्रकाश कुमार और गौतम कुमार यादव शामिल है। उन्होंने बताया कि मोनू और गौतम इनके शूटर थे। इन दोनों ने ही मनोज को गोलियां मारी थी। सिद्दीक ने जगह की रेकी की थी, जहांआरा और सारो जो माँ बेटी है इन्होंने ही मनोज को घटना स्थल पर बुलाया था और विकास बजरंगी इस घटना का मास्टर माइंड था।

उन्होंने यह भी बताया कि मनोज यादव को घटनास्थल पर बुलाने के लिए उसके जान पहचान की महिला जहांआरा और सारा को इस्तेमाल किया गया। दोनों मां-बेटी के बुलाने पर मनोज यादव घटनास्थल पर पहुंचा था। जहां शूटर मोलू ऊर्फ प्रकाश यादव और गौतम कुमार ने उसे गोली मार दी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि गैंगस्टर प्रिंस खान का इस हत्याकांड में संलिप्तता जांच में नहीं मिली है। प्रेस वार्ता में एसएसपी संजीव कुमार के अलावा ग्रामीण एसपी रेशमा रमेशन, इंस्पेक्टर कतरास समेत कई अन्य पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *