जोरापोखर। जोरापोखर थाना क्षेत्र के शालीमार में टाटा लीज की जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर टाटा स्टील ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। कंपनी ने बताया कि टाटा स्टील बनाम रविंदर यादव मामले में माननीय जिला न्यायालय, धनबाद ने साल 2017 में कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया था। न्यायालय ने टाटा स्टील की जमीन पर बनी अनधिकृत संरचना को हटाने और जमीन का कब्जा वापस कंपनी को सौंपने का आदेश दिया था। टाटा स्टील के बयान के अनुसार, न्यायालय के आदेश के अनुपालन में जिला न्यायालय के नाज़िर द्वारा बुधवार इस आदेश को लागू करने की प्रक्रिया तय की गई। इसके तहत न्यायालय के अधिकारी, पुलिस बल और टाटा स्टील के प्रतिनिधि संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचे।
मौके पर अनधिकृत संरचना के एक हिस्से को हटाकर जमीन का कब्जा टाटा स्टील को सौंप दिया गया। कंपनी ने कहा कि न्यायालय के आदेश को पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से लागू किया गया है। साथ ही जमीन के बचे हुए हिस्से को, जिसे बाद में हटाया जाना है, जिला न्यायालय के अधिकारियों ने पुलिस की मौजूदगी में चिन्हित कर दिया है। टाटा स्टील ने दोहराया कि कंपनी अवैध अतिक्रमण के प्रति शून्य सहनशीलता की अपनी नीति पर कायम है और सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और उच्च नैतिक मानकों के साथ अपने कारोबार को संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
