झरिया । मंगलवार को कोयलांचल नागरिक मंच द्वारा पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत झरिया के मेंन रोड में झरियावासियों को काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध प्रकट किया । जिस तरह से झरिया के वर्तमान हालात है चारों तरफ आए दिन भू- धंसान हो रहे हैं । जनजीवन असुरक्षित है और झरिया में रहने वाले लाखों रैयतों के जमीन को गैराबाद घोषित करना । वही खनन के क्षेत्र में किसी भी सरकारी मानक का पालन नहीं करना । पूर्व में भी पानी, नाइट्रोजन व बालू की सही तरीके से भारी नहीं हुई और ना ही सही से देखरेख की गई । आज भी कोयला खनन करने के लिए जगह-जगह सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर हैवी ब्लास्टिंग कर कोयला निकाला जा रहा है । जिसके चलते आए दिन भू धंसान घरों में दरारें आना लगातार हो रहा है, जिस कारण लोग भयभीत रहे और स्वयं झरिया छोड़कर भाग जाएं । इसी का फायदा बीसीसीएल प्रबंधन, प्रशासन, आउटसोर्सिंग कंपनी, डीजीएमएस उठाना चाहती है । ताकि झरिया में जमीन के नीचे दबे बेसकीमती कोयले को निकाला जा सके और झरियावासियों को उचित मुआवजा भी ना देना पड़े । अधिकारी भू धंसान, घरों में दरार पड़ने जैसे हालात जैसे समस्याओं का समाधान ना करके उल्टा लोगों में एक डर का माहौल बनाना चाहती है ।इसलिए झरिया के लोगों ने तय किया है कि हम अंतिम सांस तक इसके लिए संघर्ष करेंगे । अपना अधिकार लेकर रहेंगे क्योंकि हमारे संविधान में भी जीने का अधिकार प्रथम है, यह संविधान का भी खुलेआम उल्लंघन है । हम सब इसका विरोध करते हैं । यह काला बिल्ला आज हम लोगों ने प्रतीकात्मक रूप से लगाकर अपना विरोध शांतिपूर्ण किया है । आगे चलकर ये आंदोलन उग्र रूप धारण करेंगी । जल्द से जल्द हम लोग केंद्रीय कोयला मंत्री, झारखंड के मुख्यमंत्री, धनबाद सीएमडी व इससे संबंधित अधिकारियों से मिलकर उन्हें अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेंगे और झरिया की वास्तु स्थिति से अवगत कराएंगे । मौके पर मुख्य रूप से राजकुमार अग्रवाल, अमित साहू उर्फ दीपू साहू, रमेश अग्रवाल, डॉ. मनोज सिंह, फरीद मलिक, अवधेश साव, अशोक बरनवाल, अरिंदम बनर्जी, जयंत अग्रवाल, सत्यनारायण भोजगढ़िया, अजय वर्मा, चंद्र प्रकाश चौहान, मनोहर अग्रवाल, अशोक केसरी, रमन जी, मनोज साव, मकबूल आलम, एमडी समीम, सीमांत श्रीवास्तव, राजेश साव, प्रीतम शर्मा, सचिन बालम, सचिन केसरी, मोहम्मद कासिम, पवन राम आदि लोग मौजूद थे ।
