ब्लास्टिंग से कई घरों में पड़ी दरारें,मेयर के पहल पर चार प्रभावित को किया गया माइंस रेस्क्यू में शिफ्ट
पुनर्वास और मुआवजा की मांग को लेकर गुस्साए लोगों ने डेढ़ घंटा किया झरिया धनबाद मुख्य मार्ग जाम
झरिया । झरिया क्षेत्र के पुराना आरएसपी कॉलेज के पीछे कामिनी कल्याणी छोटा परसाटांड़ में शनिवार को दो दर्जन से अधिक घरों में अचानक दरारें पड़ने से इलाके में हड़कंप मच गया। घरों में दरारें देखकर लोग दहशत में आ गए और आनन-फानन में अपने जरूरी सामान को घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजापुर क्षेत्र में हो रही ब्लास्टिंग के कारण कंपन महसूस हुआ जिसके बाद कई घरों की दीवारों में दरारें पड़ गईं। हालांकि दरार पड़ने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।इधर महाप्रबंधक अंशुमान गायकवाड का कहना है कि राजापुर आउटसोर्सिंग में 15 से 20 दिनों के अंदर ब्लास्टिंग कार्य हुआ ही नहीं है।यह घटना अग्नि प्रभावित क्षेत्र होने के कारण बरसात में घटी है।घटना की सूचना मिलने पर झरिया पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।स्थानीय लोगों के अनुसार सबसे ज्यादा नान्हू रवानी ,बेबी देवी,भोला रवानी , सुभाष रवानी,और गोपाल रवानी प्रभावित हुए हैं।इनके घरों व दिवालों में बड़ी बड़ी दरारें पड़ गई है।इसके अलावा
रमेश रवानी, अजीत रवानी, आशीष रवानी, राकेश रवानी,विजय सिंह, गोविंद सिंह,राजु रवानी,राणा रवानी और बलराम रवानी समेत कई लोगों के घर प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित घरों में करीब 44 लोग रहते हैं। सभी स्वयं को रैयत बता रहे हैं। प्रभावित लोगों का कहना है कि शनिवार की दोपहर करीब दो बजे अचानक ब्लास्टिंग की आवाज सुनाई दी।इसके बाद घरों में दरारें पड़ने लगी।जमीनें फटने लगी।यह देख लोगों के बीच भगदड़ मच गया।लोग अपने अपने समान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे। सूचना पाकर ईस्ट भगतडीह कोलियरी के प्रबंधक नितीश कुमार,सर्वेयर मिथुन दता,भी पहुंच मामले की संज्ञान ली।तीन घंटे तक बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से सकारात्मक पहल नहीं किए जाने से नाराज़ लोगों ने आरएसपी कालेज के समीप झरिया धनबाद मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। लोग जमीन के बदले मुआवजा व तत्काल सुरक्षित स्थान पर बहाने की मांग कर रहे थे।सूचना पाकर धनबाद महापौर संजीव सिंह घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने इलाके का दौरा कर घटना का जायजा लिया। इन्होंने जाम करें आंदोलनकारियों से उनकी समस्याओं से अवगत हुए।इसके बाद मेयर के पहल पर बस्ताकोला महाप्रबंधक अंशुमान गायकवाड़ भी पहुंचे। महापौर ने अधिक प्रभावित लोगों को फिलहाल सुरक्षित स्थानों पर बसाने की मांग की।जहां महाप्रबंधक ने चार परिवार को माइंस रेस्क्यू स्टेशन स्थित क्वार्टर में शिफ्ट किया।इसके बाद जाम हटा। मेयर के साथ में वार्ड 34 के विधायक प्रतिनिधि पप्पू पासवान, देशराज चौहान,भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला महामंत्री रिंकू शर्मा, पिंकू चौबे,सेलो पासवान सहित अन्य थे।
फिलहाल ज्यादा प्रभावित लोगों को माइंस रेस्सक्यू स्थित बंगला में रखा गया है। बीसीसीएल प्रबंधन इन प्रभावित लोगों को पुनर्वास बीसीसीएल करें। अन्यथा चुप नहीं बैठेंगे।संजीव सिंह, महापौर,धनबाद
ज्यादा प्रभावित लोगों को माइंस रेस्क्यू बंगला में रखा गया है।यहां इस पास के कालु पड़े आवास को चिन्हित कर बसाया जाएगा।अगर नहीं तो झरिया मास्टर प्लान के तहत बेलगढ़िया में शिफ्टिंग किया जाएगा।यह क्षेत्र सौ वर्ष से अधिक पुराना अग्नि प्रभावित क्षेत्र है। इसलिए बरसात के कारण ऐसी घटना घटी है। अंशुमान गायकवाड, महाप्रबंधक,बस्ताकोला
इस बस्ती के नीचे ईस्ट भगतडीह कोलियरी के 12 नंबर चानक अंडरग्राउंड माइंस चली है।यह चानक घटनास्थल से महज तीन सौ मीटर की दूरी पर है।इस घटना के बाद माडा जलागार भगतडीह का भी अस्तित्व खतरे में है।इसी बस्ती के नीचे से ही पाइपलाइन कनेक्शन हैं।अगर ऐसी घटना के कारण पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुआ तो इस जलागार तक पानी नहीं आ पाएगा और बस्ता कोयला,भगतडीह,धनसार क्षेत्र में जलापूर्ति प्रभावित हो जाएगी।इस बस्ती के बगल में ही माडा जलागार स्थित है।
झरिया में आम जनों के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर लोगों में भय का माहौल बना रहे है : राजकुमार अग्रवाल,,,,,,
कोयलांचल नागरिक मंच के संयोजक, भाजपा के वरिष्ठ समाजसेवी व नेता श्री राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि झरिया में आए दिन भू-धंसान जैसी भयावह घटना घटित हो रही है । इसमें प्रशासन, बीसीसीएल अधिकारी, आउटसोर्सिंग कंपनियों व डीजीएमएस के अधिकारियों की घोर लापरवाही है । झरिया में आम जनों के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर लोगों में भय का माहौल बना रहे हैं । जिसे झरिया की जनता बर्दास्त नहीं करेगी । बार-बार आग्रह के बाद भी सुरक्षा के कोई व्यवस्थित उपाय नहीं किया जा रहे हैं । अब जनता सड़कों पर उतरकर इस बात का विरोध जताएगी । अपना हक और अपना अधिकार लेकर रहेगी ।
