विश्वजीत चटर्जी
हाइड्रा फंसा, पुलिस ने किया बैरिकेटिंग, टाटा प्रबंधन पर उठे सवाल
जोरापोखर। जोरापोखर थाना क्षेत्र के जामाडोबा बड़कीटांड में रविवार शाम जामाडोबा-जीतपुर मुख्य सड़क के किनारे अचानक सात फीट लंबी गॉफ हो गई। एक हाइड्रा मशीन का पिछला हिस्सा गॉफ में फंस गया। एक ही जगह तीन साल में तीसरी बार ऐसी घटना होने से स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। पुलिस ने सुरक्षा के लिए सड़क पर बैरिकेटिंग कर दी है।
घटना जामाडोबा बड़कीटांड स्थित हाजी मकबूल की बंद दुकान के सामने हुई। अचानक लगभग सात फीट लंबा, तीन फीट चौड़ा और छह फीट गहरा गॉफ बन गया। उसी समय वहां से गुजर रही एक हाइड्रा मशीन का पिछला हिस्सा गॉफ में फंस गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हाइड्रा को निकाला गया। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और ऑपरेटर बाल-बाल बच गया।
गॉफ की चपेट में आने से माड़ा की चार इंची की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइप का सारा पानी जमीन में समा गया। सूचना मिलने के बाद माड़ा अधिकारियों ने जलापूर्ति रोक दी है।
एक ही स्थान पर तीन साल में तीसरी बार गॉफ होने से लोग आक्रोशित हैं। स्थानीय लोगों ने टाटा प्रबंधन और माड़ा को दोषी ठहराते हुए हंगामा किया। उनका कहना है कि जामाडोबा घनी आबादी वाला क्षेत्र है। नीचे कोयला खनन के बाद टाटा कंपनी ने खदान की बालू स्टोइंग ठीक से नहीं की, जिससे जमीन खोखली हो गई।
लोगों ने 2024 में दुर्गापूजा के समय भी यहां गॉफ होने का जिक्र किया और कहा कि तब खानापूर्ति कर भराई कर दी गई थी।
कुछ लोगों का कहना है कि जमीन के नीचे पाइपलाइन में बड़ा लीकेज होने से पानी बहकर जमीन को खोखला कर दिया। इसी वजह से हाइड्रा के दबाव से गॉफ हुआ।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उदय कुमार गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल की घेराबंदी कर मुख्य सड़क पर बैरिकेटिंग कर आवागमन रोक दिया गया है। अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस घटनास्थल पर कैंप कर रही है।
उदय कुमार गुप्ता ने बताया, घटना की जानकारी टाटा कंपनी के अधिकारियों को दे दी गई है। घटनास्थल की भराई करने को कहा गया है। सुरक्षा को देखते हुए भारी वाहनों के परिचालन पर रोक है।
आक्रोशित लोगों ने डीजीएमएस और पुलिस से संयुक्त जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई और घटनास्थल की वैज्ञानिक तरीके से भराई की मांग की है।
