लापरवाही ने ली एक की जान, चार लोग करंट से झुलसे

एक को बचाने दौड़े परिजन भी बने हादसे का शिकार, पूरे गांव में मातम

पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला ने अस्पताल पहुंचकर जाना घायलों का हाल, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

प्रतिनिधि
हजारीबाग/चौपारण । चौपारण प्रखंड के ब्रह्मोरिया गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। करंट की चपेट में आने से 48 वर्षीय नरेश भुइंया की मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने दौड़े परिवार के चार अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से झुलस गए। इस घटना के बाद गांव में मातम पसरा है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसी घटना कैसे हुई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।

जानकारी के अनुसार, नरेश भुइंया किसी तरह करंट की चपेट में आ गए। उन्हें बचाने के लिए परिवार के सदस्य दौड़े, लेकिन एक-एक कर सभी करंट की चपेट में आ गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।

हादसे में नरेश भुइंया की मौत हो गई, जबकि रीना देवी (45 वर्ष), ईशा कुमारी (8 वर्ष), भुनेश्वर भुइंया (60 वर्ष) और कुंजिया देवी (50 वर्ष) घायल हो गए। सभी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चौपारण लाया गया। चिकित्सकों ने नरेश भुइंया को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायलों का इलाज डॉ. डी.एन. ठाकुर, डॉ. पुष्पा कुमारी और डॉ. मनोज गुप्ता की देखरेख में चल रहा है। एक घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना, चिकित्सकों से इलाज की जानकारी ली तथा पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

घटना के बाद ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और दुख है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सावधानी और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए होते तो शायद एक परिवार का सहारा आज उनके बीच होता। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोष तय करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

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