झरिया । झरिया थाना क्षेत्र के कोयरीबांध निवासी व्यवसायी अशोक केसरी का इलाज के दौरान हुआ निधन । मामले को लेकर बताया जाता है कि व्यवसायी सचिन केसरी का केला पट्टी अशोक रोड में कौसोमेटिक आइटम का दुकान था, जिनका इलाज रांची के एक अस्पताल में चल रहा था और इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि प्राइवेट बैंक के कथित रिकवरी एजेंटों द्वारा लगातार मानसिक दबाव, धमकी और अभद्र व्यवहार किए जाने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई थी जिससे उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ।
परिजनों के अनुसार शनिवार को बैंक के 4-5 कथित रिकवरी एजेंट व्यवसायी की दुकान पर पहुंचे और बकाया लोन की किस्त तत्काल जमा करने का दबाव बनाने लगे। व्यवसायी द्वारा कुछ दिनों की मोहलत मांगे जाने पर एजेंटों ने कथित तौर पर गाली-गलौज और बदसलूकी की। इस दौरान उनकी पत्नी के साथ भी अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया है, जिसके कारण घटना के बाद व्यवसायी सचिन केसरी की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे दुकान में ही बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें पहले झरिया के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने ब्रेन हैमरेज की आशंका जताते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया। रांची में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।सोमवार को घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने दो कथित रिकवरी एजेंटों को पकड़कर झरिया थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। मृतक के भाई विनोद केसरी ने बैंक एवं संबंधित कथित रिकवरी एजेंटों के खिलाफ झरिया थाना में लिखित शिकायत की है। वही व्यवसायी की मौत की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया । वहीं परिजनों समेत व्यवसायी संगठनों में भी रिकवरी एजेंट व बैंक के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है । मामले में झरिया पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ।
