निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । अमर शहीद डीएसपी प्रमोद कुमार की 18वीं पुण्यतिथि मंगलवार को उनके पैतृक आवास मिहिजाम के कुर्मीपाड़ा में श्रद्धा और सादगी के साथ मनाई गई। परिजनों ने पूजा-अर्चना कर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वहीं, डाकबंगला स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर स्थानीय लोगों ने भी उन्हें नमन किया। हालांकि, इस अवसर पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के किसी वरिष्ठ अधिकारी के नहीं पहुंचने से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। बताया गया कि प्रमोद कुमार झारखंड पुलिस सेवा के अधिकारी थे और वर्ष 2008 में रांची जिले के बुंडू अनुमंडल में एसडीपीओ के पद पर कार्यरत थे। वे एक बड़े लूटकांड के खुलासे के लिए लगातार अभियान चला रहे थे। 30 जून 2008 को हूल दिवस के दिन जांच के सिलसिले में जंगल के रास्ते से गुजरते समय नक्सलियों द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंग में उनकी सरकारी गाड़ी विस्फोट का शिकार हो गई। इस भीषण विस्फोट में डीएसपी प्रमोद कुमार सहित कई पुलिसकर्मी शहीद हो गए।
मिहिजाम के लोगों का कहना है कि शहर को ऐसे वीर सपूत पर गर्व है, जिसने कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। स्थानीय युवाओं के लिए प्रमोद कुमार आज भी प्रेरणा स्रोत हैं। उनका कहना है कि वे उनके जैसे ईमानदार, कर्मठ और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी बनना चाहते हैं। शहीद की भाभी मंजू देवी ने भावुक होकर कहा कि प्रमोद कुमार की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। परिवार आज भी उन्हें याद कर भावुक हो जाता है, लेकिन इस बात का गर्व भी है कि उन्होंने देश और राज्य की सेवा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। इस अवसर पर डॉ. एल.एन. प्रसाद, शिव शंकर प्रसाद, शबनम देवी, डॉ. मनीष कुमार, अनिमेष कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
