अभिषेक मिश्रा

चासनाला । झरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बीसीसीएल एरिया-10 के बागड़ीगी कोलियरी परिसर में स्थित शहीद स्मारक को स्थानांतरित (शिफ्ट) किए जाने की चर्चा पर क्षेत्र के सामाजिक संगठनों, मजदूर प्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों ने गहरी आपत्ति व्यक्त की है। इसे शहीद मजदूरों के सम्मान और श्रमिक अस्मिता पर सीधा आघात बताया गया है। ज्ञात हो कि यह शहीद स्मारक उन 29 मजदूरों की स्मृति में स्थापित किया गया है, जिन्होंने कोयला खनन कार्य के दौरान जल रिसाव की दुर्घटना में अपने प्राणों की आहुति दी थी। यह स्मारक केवल एक संरचना नहीं, बल्कि शहीद मजदूरों की वीरता, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। इस स्मारक से शहीदों के परिजनों, बीसीसीएल कर्मचारियों तथा क्षेत्र के हजारों मजदूरों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। क्षेत्र में यह खबर फैलने के बाद कि बीसीसीएल एवं आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा स्मारक को हटाने अथवा स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है, जिससे मजदूरों एवं आम जनता में व्यापक आक्रोश व्याप्त है। लोगों का मानना है कि देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले श्रमिकों की स्मृति को किसी भी परिस्थिति में कमजोर या विस्थापित नहीं किया जाना चाहिए।

वही इस मामले मदन राम पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बीसीसीएल द्वारा खनन विस्तार के नाम पर पूर्व में भी कई गांवों एवं बस्तियों का अस्तित्व समाप्त कर चुका है। ऐसे में शहीद स्मारक को भी हटाने का प्रयास स्थानीय जनता की भावनाओं को और अधिक आहत करेगा। बैकवर्ड क्लास कोल एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन, ओबीसी संगठन तथा क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि शहीद स्मारक को स्थानांतरित करने के किसी भी प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा तथा शहीदों के सम्मान और स्मारक की रक्षा के लिए व्यापक जनसंघर्ष करने को बाध्य होंगे।
संगठनों ने बीसीसीएल प्रबंधन से मांग की है कि शहीद स्मारक को यथास्थान सुरक्षित रखा जाए तथा शहीद मजदूरों की स्मृति और सम्मान को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *