झरिया । बंद ईस्ट भगतडीह नौ नंबर चानक मे कूदे युवक कृष्णानंद सहानी का शव कड़ी मशक्कत के बाद माइंस रेस्क्यू धनसार की टीम ने 69 घंटे के बाद निकाल लिया। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए एसएनएमएमसीएच भेज दिया।शव निकलते ही स्थानीय लोगों ने माइंस रेस्क्यू टीम जिंदाबाद के नारे लगाए। वहीं चानक के पास बैठे स्वजन फफक कर रोने लगे।रेस्क्यू टीम रविवार को सुबह साढ़े छह बजे चौथे दिन रेस्क्यू करने पहुंची।जहां सुरक्षा को देखते हुए सीआईएसएफ व अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।वहीं माइंस रेस्क्यू के सेफ्टी जीएम अरूण कुमार सहित कोयला भवन के कई अधिकारी घटनास्थल पहुंचे।जहां इन्होंने रेस्क्यू टीम को हौसला बढ़ाया।रेस्कयू टीम ने शव को निकालने के लिए गैस कटर से चानक के मुहाने मे दोनों छोर मे लगे लोहे के प्लेट को कांटा।इससे भी सफल नहीं होने के बाद चानक के उपर ढाले गए ढलाई को तोड़ दिया गया।नए तकनीकी से बने तीन कई झग्गड़ लगाए गए।जहां दिनभर मशक्कत के बाद देर शाम सात बजे शव निकाला गया।इस शव निकालने मे रेस्क्यू टीम के अलावा जनप्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों का योगदान सराहनीय रहा।बता दें कि गुरुवार की रात दस बजे लोअर चौथाई कुल्ही बाउरी मुहल्ला के 24 वर्षीय कृष्णानंद ने इस बंद चानक मे कूद गया था।दूसरे दिन से माइंस रेस्क्यू टीम शव निकालने मे जुटी रही।तीसरे दिन जिला प्रशासन की ओर से एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई।मगर एनडीआरएफ की टीम ने एक दिन मशक्कत कर अपने हाथ खड़े कर दिए।मगर रेस्क्यू टीम आपरेशन करने मे जुटी रही।अंततः इस टीम ने रविवार को सफलता पाई।
193 मीटर गहराई खदान से युवक को निकालने में ऐसे हो रही थी परेशानी,,,,,
193 मीटर गहरे खदान मे पचास मीटर उपर यानि चानक से 147 मीटर पानी है।पानी के उपर युवक का शवल उपलाइ हुआ था।चानक के अंदर पहले से लगे जहां तहां लोहे के एंगल है।युवक उपलाते हुए जगह बदल ले रहा था।जिस कारण झग्गड़ मे नही फंस पा रहा था।झग्गड़ युवक के पास पहुंचते ही दूसरे छोर पर खिसक जाता ।इतने गहराई मे उपर से झग्गड़ से निशाना साधने मे असुविधा हो रही थी।
मृतक के घर पहुंचे भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजकुमार अग्रवाल,,,,,
चानक से शव निकलते ही उसके घर लोअर चौथाई कुली ले जाया गया। जहां शव से लिपट कर मां और बहन फफक कर रोने लगी।स्वजनों के करूणा कंद्रण से पूरा क्षेत्र गमगीन हो गया।सूचना पाकर झरिया विधायक पूर्णिमा सिंह, भाजपा नेत्री रागिनी सिंह व भाजपा नेता राजकुमार अग्रवाल उसके घर पहुंचे। राजकुमार अग्रवाल ने मृतक के परिवार को ढाढ़स बंधाया।साथ ही हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया । इसके बाद झरिया पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए धनबाद भेज दिया।
अगर संसाधन रहता तो पहले निकाल लेते शवःरेस्क्यू अधिक्षक
शव निकालने के बाद माइंस रेस्क्यू अधीक्षक पीआर मुखर्जी ने कहा कि संसाधन की कमी के कारण आपरेशन मे देरी हुई है।अगर पूरी संसाधन रहता तो पहले ही शव को निकाल लिया जाता।जैसे जैसे संसाधन की जरूरत पड़ी वैसे वैसे यह व्यवस्था किया गया।हालांकि हमारी टीम ने तीन दिन लगातार मेहनत की।इनकी मेहनत का ही नतीजा है.कि आज हमलोग शव निकालने मे सफल रहे।इस आपरेशन को सफल बनाने मे टीम के देशराज प्रसाद,अशोक कुमार, एस एन घोष,राजेश कुमार, इशा इंसारी,आरएस पटेल,रंजय सिंह,कमलेश कुमार, कल्याण कुमार, प्रदीप कुमार का सराहनीय योगदान रहा।
