झरिया। झरिया थाना क्षेत्र के अमलापाडा जामा मस्जिद मुख्य गेट पर असामाजिक तत्वों ने 15 अगस्त को हंगामा किया । एक ओर जहां धनंजय हत्याकांड को लेकर बुधवार को आक्रोशित लोगों द्वारा कतरास मोड़ स्थित चौक पर तोड़फोड़ व पत्थरबाजी की घटना हुई थी। झरिया पुलिस काफी मस्कत के बाद मामले पर काबू पाई थी तो, वही 15 अगस्त के दिन कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सांम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की भी कोशिश की गई थी। स्वतंत्रता दिवस पर हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर कुछ शरारती तत्वों ने अमलापाड़ा स्थित जामा मस्जिद के मुख्य द्वार पर खड़े होकर जमकर उत्पात मचाया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है । सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद धर्म विशेष के लोग काफी आक्रोश में दिखे। लोगों ने पुलिस से ऐसे असामाजिक तत्वों पर लिखित शिकायत दर्ज करा कर कठोर कारवाई की कर मांग की है।

अधिकारियों की टीम पहुची झरिया:
झरिया शहर में शांति व्यवस्था कायम रखने को लेकर जिला प्रशासन भी रेस हो गया। गुरुवार को दोपहर धनबाद एसडीएम प्रेम कुमार तिवारी , एडीएम लॉ एंड ऑर्डर कमला कांत गुप्ता , सिंदरी एसडीपीओ अभिषेक कुमार , बोकारो एसपी आलोक प्रियदर्शी , झरिया अंचल अधिकारी प्रमेश कुशवाहा समेत कई पुलिस पदाधिकारी झरिया थाना पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। लगभग 4 बजे झरिया में शांति व्यवस्था कायम रखने को लेकर शांति समिति की बैठक का आयोजन हुआ। इस दौरान दोनों ही समुदाय के लोगों समेत शहर के गणमान्य लोग मौजूद थे। बोकारो एस पी आलोक प्रियदर्शी ने शांति समिति में मौजूद सभी लोगो से शांति व्यस्था बनाए रखने की अपील की। वही असामाजिक तत्वों पर कड़ी करवाई करने का भी भरोसा दिया। शांति समिति की बैठक में मुख्य रूप से भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजकुमार अग्रवाल, रिंकू शर्मा, विष्णु त्रिपाठी, शैलेश सिंह, दिलीप आडवाणी, पंकज सिंह, अमृत सिंह, मुख्तार खान, फरीद मलिक, कलीम सिद्दीकी, शाहनवाज खान, आमिर खान उर्फ गुड्डू, शब्बीर एडवोकेट आदि लोग मौजूद थे ।

एक तरफ बैठक तो दूसरे तरफ हुई नारेबाजी व पत्थरबाजी:

झरिया थाना परिसर में जैसे ही शांति समिति की बैठक शुरू हुई वैसे ही थोड़ी देर बाद झरिया थाना के बाहर कुछ असामाजिक तत्वों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान बैठक में भी तनाव का माहौल बन गया। झरिया थाना प्रभारी संतोष सिंह जब थाना गेट के बाहर नारेबाजी कर रहे लोगों को मना करने गए तो अचानक कई घर के छतों से पत्थरों की बौछार शुरू हो गई। महिलाएं भी छतों से पत्थर फेंकती नजर आई, जिसके बाद झरिया पुलिस ने पत्थरबाजी कर रहे कुछ युवकों को पकड़ कर थाना ले आई। इस दौरान झरिया थाना मोड़ समेत कई चौक चौराहों पर भारी पुलिसबल की तैनाती की गई। झरिया थाना प्रभारी ने बैठक में मौजूद लोगों से शांति कायम रखने की अपील की।

पुलिस की सूझबूझ और मुस्तैदी से बड़ा बवाल होने से टला,,,
आपको बता दें कि इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस को इस घटना की आशंका पहले से थी । जिसके लिए पुलिस पहले से ही तैयारी कर रखी थी लेकिन, जब शांति समिति की बैठक शुरू हुई और लोग मामला सुलझाने में जुट गए । इसी दौरान मौका पाकर थाना के बाहर कुछ आसामाजिक तत्वों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी लेकिन पुलिस की तैयारी की वजह से आपसी शौहार्द बिगाड़ने वाले लोगों के मंसूबे पर पानी फिर गया । पुलिस ने ततपरता दिखाते हुए तुरंत एक्शन लिया और इस बवाल को बढ़ने नहीं दिया । पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए मामले पर तुरंत काबू पा लिया । क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकालकर शांति व्यवस्था बनाए रखा ।

कुछ पुलिसकर्मी को लगे पत्थर,,,,,
मामले को शांत कराने गए कुछ पुलिसकर्मियों को भी उपद्रवियों द्वारा की गई पत्थरबाजी में पत्थर लगे है । जिससे उन्हें आंशिक चोटें आई लेकिन, मामले को बिगड़ता देख झरिया थाना प्रभारी सांतोष सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने पत्थर खाते हुए भी साहंस का परिचय दिया और उपद्रवियों को खदेड़ कर भगाया । इस दौरान पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा ।

मामले में धनबाद के प्रभारी एसपी आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि तिरंगा यात्रा के दौरान बना एक वीडियो वायरल हुआ था। जिससे माहौल बिगड़ सकता था। माहौल शांत कराने के लिए आज शांति समिति की बैठक रखी गई थी। पत्थरबाजी करने वालों को चिन्हित कर दोषियों पर कार्रवाई किया जाएगा।

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