जोरापोखर। जोरापोखर थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर एक बीसीसीएल कर्मी के खाते से 4 लाख 19 हजार रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने महज एक घंटे के अंदर 14 बार ट्रांजेक्शन कर खाता खाली कर दिया। पीड़ित को ठगी का एहसास तब हुआ जब मोबाइल पर लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे।
घटना को लेकर पीड़ित रामबालक सिंह ने साइबर थाना धनबाद में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित राम बालक सिंह जियलगोड़ा बीसीसीएल अस्पताल में कार्यरत हैं और जेलगोरा भूली क्वार्टर के निवासी हैं। उनका खाता बैंक ऑफ इंडिया की भागा शाखा में है।
मिली जानकारी के अनुसार 7 सितंबर की शाम साइबर अपराधियों ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर उनसे संपर्क किया। मोबाइल बैंकिंग सुचारू करने और तकनीकी सुधार के नाम पर उन्हें बैंक ऑफ इंडिया का ऐप डाउनलोड करने को कहा।
आरोप है कि ठगों ने असली ऐप की जगह फर्जी ऐप या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करवा दिया, जिससे मोबाइल का नियंत्रण ठगों के हाथ में चला गया। लेकिन ऐप लॉक रहने के कारण ठग अपने मनसूबे में कामयाब नहीं हो पाए। इसके बाद ठगों ने शातिराना अंदाज में पीड़ित को बैंक शाखा में जाकर ऐप को अनलॉक कराने की सलाह दी।
पीड़ित ने बुधवार को बिना पूरे मामले की जानकारी बैंक प्रबंधक को दिए, बैंककर्मी से मिलकर अपना ऐप अनलॉक करा लिया। इसी का फायदा उठाकर गुरुवार सुबह साढ़े सात बजे से साढ़े आठ बजे के बीच साइबर ठगों ने 14 बार में अलग-अलग खातों में 4 लाख 19 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए।
घटना के बाद से पीड़ित परिवार सदमे में है। पीड़ित का कहना है कि यह उसकी जीवन भर की जमा पूंजी थी। इधर शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना की टीम मामले की जांच में जुट गई है और ठगी में प्रयुक्त मोबाइल नंबरों और खातों को ट्रेस किया जा रहा है।
