झरिया । समावेशी शिक्षा झरिया के तत्वाधान में आजादी की पूर्व संध्या पर झरिया एकेडमी में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सामान्य बच्चे एवं दिव्यांग बच्चों ने एक साथ बैठकर आजादी की गाथा को जाना और समझा । बच्चों ने देशभक्ति गीत और कविता के माध्यम से शहीदों के बलिदान को याद किया। दिव्यांग बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” का संदेश दिया । सभी बच्चे महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, पंडित बिस्मिल, अशफाकुल्लाह खान, झांसी की रानी, सहित दर्जनों स्वतंत्रता सेनानी के मुखौटे पहने हुए थे । सबके हाथों में तिरंगा था और भारत माता के नारे लगा रहे थे ।
झरिया रिसोर्स सेंटर के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ मनोज सिंह एवं स्पेशल एजुकेटर अखलाक अहमद ने कहा कि हमारे दिव्यांग बच्चे भारत के भविष्य हैं । देश को आजादी कैसे मिली इस संघर्ष की गाथा से इन्हें अवगत कराना है ताकि बच्चे देश की आजादी के महत्व को समझ सकें ।
कार्यक्रम में डॉ मनोज सिंह, अखलाक अहमद, प्रधान शिक्षक सरफराज इकबाल, ब्रजभूषण दुबे, सुनीता सोरेन, पिंकी कुमारी, शुभजित आचार्या, ज्योति सिंह, श्रेया कुमारी कृष्ण कुमार यादव, मानताशा नाज़,फ़लक नाज, तमन्ना नाज सहित बाल संसद के सदस्य उपस्थित थे ।
