निशिकांत मिस्त्री

जामताड़ा । आज उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में त्रैमासिक जिला स्तरीय परामर्श दात्री समिति (डीएलआरसी) की बैठक आहूत की गई। बैठक में उपायुक्त के द्वारा केसीसी, सीडी रेश्यो (ऋण/जमा अनुपात), एनुअल क्रेडिट प्लान, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम जनधन योजना, सोशल सिक्योरिटी स्कीम, एसएचजी एंड लिंकेज, मुद्रा लोन, पीएमईफएमई, पीएम स्वनिधि, एसबीआई आरसेटी के अलावा अन्य बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक समीक्षा किया गया। बैठक में उपायुक्त द्वारा जिले के सभी प्रखंडों में आगामी 20 मई तक चल रहे केसीसी अभियान के प्रगति की समीक्षा की। बताया गया कि बैंकों के अरुचि पूर्ण रवैए के कारण कैंप में अब तक मात्र 214 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा केसीसी ऋण स्वीकृति में जिले के कई बैंकों का प्रदर्शन शून्य है। जिस पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सभी बैंक केसीसी में अपने प्रदर्शन को एक माह के अंदर सुधारें अन्यथा वैसे सभी बैंकों से सभी सरकारी खाते एवं राशि को अन्यत्र बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंकों में हस्तांतरित कर दी जाएगी। वहीं बैठक में बिना सूचना के अनुपस्थित बैंक प्रतिनिधियों को उपायुक्त ने स्पष्टीकरण पूछने एवं क्षेत्रीय प्रबंधक को सूचित करने का निर्देश दिया।

इसके अलावा उपायुक्त को बताया गया कि जिले के बैंकों में कैश डिपोजिट बढ़ा है लेकिन बैंकों के द्वारा एडवांस देने में शिथिलता बरती जा रही है। उपायुक्त ने सीडी रेशियो (ऋण जमा अनुपात) की समीक्षा करते 10 बैंकों के ऋणात्मक प्रदर्शन सहित अन्य बैंकों के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर कड़ी फटकार लगाई, उन्होने कहा कि पूरे राज्य में जामताड़ा सीडी रेश्यो में निचले स्तर पर है। उन्होंने बैंकों को रुचि लेते हुए सीडी रेश्यो में प्रदर्शन सुधारने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर सीडी रेश्यो में अपेक्षित सुधार नहीं होता है तो उन सभी बैंकों से सभी सरकारी बैंक खाते एवं राशि को हटा दिया जाएगा, साथ ही अग्रेत्तर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों/वित्त विभाग को कार्रवाई के लिए पत्राचार किया जाएगा। इसके अलावा कई मानकों पर राज्य स्तर से भी निचले पायदान पर रहने पर उपायुक्त ने बैंकर्स को एक माह में अपेक्षित सुधार लाने का निर्देश दिया, साथ ही अगले माह पुनः बैठक आयोजन का निर्देश दिया। वहीं समीक्षा के क्रम में एनुअल क्रेडिट प्लान एवं इसके उपलब्धि को लेकर समीक्षा की गई। इस क्रम में बैंकों को शिक्षा एवं गवर्मेंट स्पॉन्सर्ड लोन पर फोकस करने का निर्देश दिया गया ताकि सीडी रेश्यो में भी बढ़ोतरी हो सके।

इसके अलावा आरबीआई के प्रतिनिधि के द्वारा उपायुक्त को जिले के जनसंख्या के अनुरूप बैंक ब्रांच एवं एटीएम आदि के अपेक्षित संख्या को बताया गया, जिसके विरुद्ध उपायुक्त ने जिले में वर्तमान में बैंक ब्रांच एवं एटीएम की संख्या को अगले छः महीने में अनबैंक्ड क्षेत्र को चिह्नित करते हुए बैंकिंग सेवाओं से सुदृढ़ करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने समीक्षा के क्रम में महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र से पीएमएफएमई आवेदनों में से बैंकों के ढुलमुल रवैए के कारण कम स्वीकृति पर भी उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब तक बैंक रुचि नहीं लेगी कैसे सुधार होगा। उन्होंने सभी खराब प्रदर्शन करने वाले बैंकों में जमा सरकारी राशि को हटाने का निर्देश दिया। उन्होंने ऋण देने में आनाकानी करने से बचने का निर्देश दिया। इसके अलावा विभिन्न बैंकों के वार्षिक ऋण योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा उपायुक्त ने अभियान चलाकर लंबित नीलाम पत्र वादों के शीघ्र निष्पादन करने हेतु बैंकों को संबंधित अंचल अधिकारी के साथ पंजी 9 एवं 10 का मिलान करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि अगर बैंक इसमें रुचि नहीं दिखाएंगे तो बैंक को वैसे वादों को रिजॉल्व दिखाते हुए वापस भेज दें।

उपायुक्त ने बैंकों को डिजिटल अवेयरनेस बढ़ाने के समुचित कदम उठाने का निर्देश दिया। बैंकों में केसीसी दिए जाने की सूचना का पैंफलेट लगाने का निर्देश दिया गया। वहीं उन्होंने सोशल सिक्योरिटी स्कीम की समीक्षा की। इसके अलावा उपायुक्त ने मुद्रा लोन में शिशु, किशोर एवं तरुण श्रेणी में दिए गए ऋण की समीक्षा करते हुए शिशु को किशोर में एवं किशोर को तरुण में इन्हैंस करने का निर्देश दिया। इसके अलावा पीएम स्वनिधि, एसबीआई आरसेटी के कार्यों सहित अन्य बिंदुओं पर समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया। एसबीआई आरसेटी के द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम को बैंक स्तर से प्रचार प्रसार करने का निर्देश दिया गया। वहीं उपायुक्त ने सभी बैंकर्स को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि आम लोगों को अच्छी सेवाएं दें, अनावश्यक रूप से लोगों को बैंक परेशान नहीं करें।

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