धनबाद । अस्मित न्याय मंच के बैनर तले डीनोबली सिंदरी के छात्र की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच के मांग को लेकर शनिवार को रणधीर वर्मा चौक पर एकदिवसीय धरना का आयोजन हुआ। जिसमे मृतक अस्मित आकाश के पिता ने मीडिया को बताया कि 23 मार्च को डी नोबिली स्कूल सिंदरी में वर्ग 10th के छात्र अस्मित आकाश की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज में बच्चों के बीच आपस मे मारपीट की घटना दिखा था। एक शिक्षक भी आते दिखे थे। उसके बाद का सीसीटीवी फुटेज गायब कर दिया गया।
जो साक्ष्य को छिपाने के उद्देश्य किया गया था।
घटना के 3 माह बीत जाने के बाद भी अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं होने से जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
न्याय के लिए जनता ने “अस्मित न्याय मंच” सिंदरी का गठन कर न्याय के लिए लगातार चरणबद्ध आंदोलन कर रही है। पिछले 9 जून को सिंदरी में एक दिवसीय धरना देकर एसडीपीओ से न्याय की गुहार लगाई गई थी। किंतु अभी तक कोई परिणाम सामने नहीं आने से मजबूर होकर जिला मुख्यालय रणधीर वर्मा चौक पर न्याय की गुहार को लेकर एक दिवसीय धरना दिया गया है। यदि शांतिपूर्ण आंदोलन से न्याय नहीं मिला तो आंदोलन छेड़ने के लिए हम बाध्य होंगे।
धरना में विकास कुमार ठाकुर, कृष्णा प्रसाद महतो, सुरेश प्रसाद, गौतम प्रसाद, सुबल दास, नथिया देवी, नाबीया बेगम, खालिदा बेगम, फरजाना खातून, सीता देवी, मुन्नी देवी सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।
मालूम हो कि 23 मार्च को झारखंड के धनबाद जिले में सिंदरी स्थित डिनोबली स्कूल सिंदरी में बुधवार को सनसनीखेज मामला सामने आया था। स्कूल के कक्षा दसवीं में पढ़ने वाले छात्र अश्मित आकाश की मौत हो गई थी। स्कूल प्रबंधन का कहना था कि बच्चा पूरी क्लास के सामने अचानक बेहोश हो गया। परिजनों को सूचना देने के बाद बच्चे को प्राथमिक इलाज के लिए भेजा गया। स्कूल में प्राथमिक उपचार के बाद छात्र को धनबाद के सरकारी मेडिकल कालेज SNMMCH भेज गया था। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था।
जबकि मृत छात्र के पिता प्रफुल्ल कुमार का कहना है कि मौत का स्पष्ट कारण पता नहीं चल पा रहा है। स्कूल के कुछ छात्रों ने बताया कि उनके बेटे के साथ मारपीट हुई थी। वहीं स्कूल की टीचर ने पहले कहा कि दो लड़कों के बीच विवाद को देखकर आपका बेटा बेहोश हो गया। पिता ने कहा कि यह घटना स्कूल की लापरवाही से हुई थी।
