बलियापुर । यहां की जल, जंगल, जमीन को बचाने के लिए तमाम लोगों को आगे आने की जरूरत है। उक्त बातें झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति की ओर से ढांगी में आयोजित जन आशीर्वाद सभा में केन्द्रीय अध्यक्ष टाइगर जयराम महतो ने कही। कहा कि पुरखों की जमीन किसी भी हालत में बाहरी लोगों के हाथों में नहीं बचने की हिदायत दी। कहा कि मां हमें जन्म देती है, लेकिन हमें पालने का कार्य माटी ही करती है। उन्होंने लोगों को नशा से दूर रहने को कहा। कहा कि नशा का आदत डालकर यहां की जमीन को ओने-पोने दाम में हमारी जमीन को खरीदना चाहता है। इससे सतर्क रहने को कहा। श्री महतो ने आने वाले लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव की तैयारी में तमाम कार्यकर्ताओं को एकजुट होने का आह्वान किया।
कहा कि 2024 में लोकसभा व विधानसभा परिवर्तन होगा। इसका बिगुल बज चुका है। हमारी लड़ाई बाहरी भीतरी कि नहीं बल्कि झारखंडी आवाम की हक अधिकार की है। जल, जंगल, जमीन की लड़ाई है। हक अधिकार मिलने तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। झारखंड को आंदोलन की धरती बताया। कहा कि बिरसा की लड़ाई दिकुओ से थी। बिरसा की शहादत के बाद ही सीएनटी एक्ट बना। पूरे झारखंड में इस एक्ट की धज्जियां उड़ाई जा रही है। इसे रोकने की जरूरत है। सभा को रिजवान अंसारी, मोतीलाल महतो, जिप सदस्य उषा महतो, पूजा महतो, रैवती महतो, सावित्री कर्मकार, सुषमा कुमारी, जंग बहादुर महतो, शशि महतो, धनंजय मिर्धा, श्रीकांत महतो, सुदेश चंद्र महतो, सपन महतो, विशाल महतो, कुश महतो, संजय गोराई, प्रेम महतो, सुशील मंडल, शंकर महतो, अजीत महतो, चंद्र मोहन, भूदेव महतो, किशोर महतो, शक्ति महतो, सुशील मंडल, रूपेश मंडल, रंजीत महतो, सलाउद्दीन अंसारी, तापस महतो आदि मौजूद थे।
