निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । जिले में बरसात के मौसम के साथ सर्पदंश की घटनाओं में तेजी आने लगी है। पिछले 24 घंटों के भीतर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से सांप काटने के दो मामले सामने आए हैं। इनमें एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरी महिला का सदर अस्पताल में उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर है और वह खतरे से बाहर है।
पहली घटना बिंदापाथर थाना क्षेत्र के गेरिया मारलो गांव की है। यहां 25 वर्षीय पार्वती दास को जहरीले सांप ने डंस लिया। परिजन गंभीर अवस्था में उन्हें जामताड़ा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
वहीं दूसरी घटना जामताड़ा थाना क्षेत्र के आसनहैरिया गांव की है। यहां सोनिया देवी को भी जहरीले सांप ने काट लिया। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत जामताड़ा सदर अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत में सुधार है और फिलहाल वे खतरे से बाहर हैं।
बरसात के मौसम में सर्पदंश के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के दौरान बिलों में पानी भर जाने से जहरीले सांप बाहर निकल आते हैं, जिससे खेतों, घरों और आसपास के इलाकों में उनके संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है।
उल्लेखनीय है कि स्थानीय मान्यता के अनुसार संथाली भाषा में ‘जाम’ का अर्थ सांप और ‘ताड़ा’ का अर्थ घर होता है। इसी वजह से जामताड़ा को “सांपों का घर” भी कहा जाता है। ऐसे में बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतने, अंधेरे स्थानों पर जाने से बचने तथा सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचने की सलाह दी जाती है।
