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केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का निधन, एस्कॉर्टस हॉस्पिटल में ली अंतिम सांसे

नई दिल्ली । पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का निधन, चिराग पासवान ने दी जानकारी । एस्कॉर्टस हॉस्पिटल में ली अंतिम सांसे। बिहार में विधानसभा चुनाव के दौरान उनके निधन से एलजेपी को बड़ा झटका लगा है । वही उनके निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर । 74 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली।

रामविलास पासवान वीपी सिंह, एचडी देवेगौड़ा, इंद्रकुमार गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी इन सभी प्रधानमंत्रियों के ‘कैबिनेट’ में अपनी जगह बनाने वाले शायद एकमात्र व्यक्ति थे।

रामविलास पासवान पहली बार1969 में एक आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र से संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य के रूप में बिहार विधानसभा पहुंचे थे। 1974 में राज नारायण और जेपी के प्रबल अनुयायी के रूप में लोकदल के महासचिव बने थे। वे व्यक्तिगत रूप से राज नारायण, कर्पूरी ठाकुर और सत्येंद्र नारायण सिन्हा जैसे आपातकाल के प्रमुख नेताओं के करीबी रहे हैं।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने लालू प्रसाद यादव ने रामविलास पासवान को ‘मौसम वैज्ञानिक’ का नाम दिया था। रामविलास पासवान हवा के रुख के साथ राजनीति के अपने फैसले बदलने में माहिर थे। इसमें वो कामयाब भी रहे। इसी का नतीजा रहा कि उन्होंने छह प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया।

‘ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर’ इस कहावत को रामविलास पासवान ने चरितार्थ किया। वह बेहत सरल और मृदुभाषी थे। बिहार के हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से वह कई बार चुनाव जीते, लेकिन दो बार उन्होंने सबसे अधिक वोट से जीतने का रिकॉर्ड बनाया।

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन पर, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री समेत दिग्गज नेताओं ने जताया दुख

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